दो साल बाद भी नरेंद्र मोदी उतने ही लोकप्रिय: Forbes

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधियों के लिए एक बुरी खबर है। हाल में हुए एक सर्वे के अनुसार नरेंद्र मोदी सत्ता में आने के दो साल बाद भी भारत में बेहद लोकप्रिय है। कुछ लोग नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर संदेह जता रहे थे क्योंकि मोदी सरकार ने कई साहसिक निर्णय लिए थे। सर्वे के बाद ऐसी अटकलों पर विराम लगना स्वाभाविक है। Forbes पत्रिका में छपे एक लेख के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए मोदी के आक्रामक अभियान को सबसे ज़्यादा सराहया गया। 
             यह सर्वे Pew Research Center  नामक संस्था द्वारा कराया गया। इसके मुताबिक 81 प्रतिशत से भी ज़्यादा लोगों ने अपना मत नरेंद्र मोदी के पक्ष में दिया है। हालांकि यह आंकड़ा गत वर्ष के मुकाबले 6 प्रतिशत कम है। वर्ष 2015 में 87 प्रतिशत लोग नरेंद्र मोदी के पक्ष में थे। यह सर्वे Pew ने 15 राज्यों एवं नई दिल्ली से चुने गए कुल 2464 वयस्कों से 7 अप्रैल से 24 मई के बीच साक्षात्कार करके किया। इस सर्वे में कुछ विपक्षी पार्टियों के नेता भी शामिल थे और उनमे से अधिकांश नेताओं ने प्रधानमंत्री के पक्ष में अपना मत दर्ज कराया। सर्वे में अर्थव्यवस्था से लेकर विदेश नीति तक के सवाल पूछे गए। 
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
             मोदी के भारतीय अर्थव्यवस्था को सँभालने के तौर-तरीके ने उनको सबसे ज़्यादा अंक दिलाये। 2013 में भी इसी प्रकार का सर्वे हुआ था, लेकिन उस समय कांग्रेस की सरकार थी। 2013 के मुकाबले 36 प्रतिशत ज़्यादा लोग देश की विकास की दिशा से संतुष्ट है। देखा जाये तो यह भारतीय जनता पार्टी समर्थकों के लिए राहत की ख़बर है। गौरतलब है कि मोदी राज में भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे तेज़ विकास की ओर अग्रसर बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत ने हाल ही में चीन को इस मामले में पीछे छोड़ा है। वर्तमान में यह विकास दर 7.1 प्रतिशत से भी ज़्यादा है। 
             घरेलु मुद्दों पर मोदी की नीति के पक्ष में तक़रीबन 60 प्रतिशत लोग थे, जिनमे बेरोज़गारी, आतंकवाद एवं भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे शामिल है। हालांकि कुछ लोगों में प्रधानमंत्री के अल्पसंख्यंक संरक्षण नीति की आलोचना की। वहीं, ऐसे लोगों ने जातिगत मुद्दों की वरीयता काफी पीछे रखी, फलस्वरूप प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को इन मुद्दों से कुछ ख़ास फ़र्क नहीं पड़ा। 
            सर्वे में मोदी के लिए विदेश नीति सबसे कमज़ोर कड़ी दिखी। भारत-चीन रिश्तों को सँभालने के मोदी के तरीकों को सिर्फ़ 38 प्रतिशत लोगों ने ही सराहया, जबकि 32 प्रतिशत लोगों ने असंतष्टि दिखाई। वहीं मोदी की भारत-पाक नीति के पक्ष में सिर्फ 22 प्रतिशत लोग ही आये, जबकि क़रीब 50 फ़ीसदी लोग पूर्णतया असंतुष्ट दिखे। 
         आपको बता दें कि हाल ही में Forbes की सबसे ताकतवर लोगों की लिस्ट में नरेंद्र मोदी को नौवां स्थान हासिल हुआ था। Forbes इस लिस्ट में हर 10 करोड़ लोगों में से एक व्यक्ति को स्थान देता है। फ़िलहाल सर्वे के परिणाम के देखते हुए कहा जा सकता है कि वर्ष 2019 में फिर से मोदी सरकार आने की संभावना बरक़रार है। क्या आप भी नरेंद्र मोदी के कार्य से संतुष्ट हैं? कमेंट सेक्शन में अपनी राय ज़रूर दें। 
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