बजने वाला है भारत-पाक युद्ध का बिगुल, जानिये क्या है हालात

              विगत कई दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच हालात तनावपूर्ण चल रहे है। और ये सब तब शुरू हुआ जब जम्मू कश्मीर के बारामुल्ला जिले के उरी में सो रहे सैनिकों पर आतंकवादी हमले से कुल 18 जवान वीरगति को प्राप्त कर गए थे। इस कायरतापूर्ण हमले के बाद भारत के प्रधानसेवक श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशवाशियों के समक्ष संकल्प लिया कि उरी में शहीद जवानों की शहादत का बदला लिया जायेगा। हालाँकि श्री मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले ही अपनी मनोकांक्षा साफ़ कर दी थी कि पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से देना पड़ेगा।

                उरी हमले के ज़वाब में दिनांक 29 सितंबर, 2016 की रात उन्होंने एक सर्जिकल स्ट्राइक की अनुमति भारतीय सेना को दे दी। अनुमति मिलते ही भारतीय कमांडो ने नियंत्रण रेखा लांघकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कुल 7 आतंकवादी कैंप को मिट्टी में मिला दिया। देखते ही देखते भारतीय जवानों ने कुल 48 आतंकवादी एवं उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे 2 पाकिस्तान सैनिको को मार गिराया।

                 इस हमले के बाद से ही पकिस्तान में हाहाकार मच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख बचाने के लिए पहले उसने स्ट्राइक को नकार दिया, फिर भारत से सबूत माँगा, अब बदला लेने का कहा जा रहा है। एक बात बिलकुल साफ़ है, युद्ध का बिगुल बज चुका है। दोनों देशों में हालात बहुत ही तनावपूर्ण है। दोनों देशो की सेना बिलकुल मुस्तैद है। भारत और पाकिस्तान की सरहद के आसपास के गाँव खाली करवा दिए गए हैं।
         बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने "The Huffington Post" पर एक आर्टिकल के माध्यम से ये संदेह जताया की भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात है।  इसके पीछे उन्होंने ये तर्क दिया कि कोई भी देश अपनी साख बचाने के लिए अपनी सरजमीं पर हुए हमलों का जवाब ज़रूर देगा अन्यथा कोई दूसरा देश भी भविष्य में ऐसा हमला कर देगा। उनका यह भी कहना है कि पाकिस्तान और रूस के बीच हुई संयुक्त सैन्य अभ्यास से पाकिस्तान का हौसला बढ़ गया है और चीन के समर्थन से पहले हमले का दुस्साहस भी कर ले। ऐसे में आशंका है कि परमाणु बम का इस्तेमाल हो जायेगा, और अगर ऐसा हुआ तो विश्व युद्ध जैसी स्थिति आ जाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।
           हालाँकि भारत-पाकिस्तान युद्ध तो पहले भी कई बार हो चुका है और हर बार पाकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी। अगर थोडा विस्तार से विश्लेषण करें तो उन दिनों भारत की सैन्य शक्ति वर्त्तमान की तुलना में काफी कम थी उसके बावजूद भी पाकिस्तान को हर बार भारत के सामने घुटने टेकने पड़े। पर, आज तो हम दुनिया के तीसरे सबसे शक्तिशाली देश हैं। हमारी सैन्य शक्ति पहले से कई गुना बढ़ गई है। नए व आधुनिक तकनीक वाले हथियार सेना में शामिल किये गए है। हमारी सेना किसी भी हमले से निपटने में पूर्णतया सक्षम है।
          युद्ध की आशंका साफ दिख रही है पर पाकिस्तान की भलाई इसी में है कि पहला प्रहार वो न करें। भारत आज पाकिस्तान से हर दिशा में काफी आगे निकल चुका है। ऐसे भी हम हिन्दुस्तानी लोग युद्ध में नहीं बल्कि एक-दूसरे की शान्ति और समृद्धि में विश्वास रखते हैं। भले ही हमारा एक जवान उनके हजारों के बराबर हैं पर सच्चाई तो ये है कि अगर युद्ध होता है तो हमारे सैनिक भी मारे जायेंगे।

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