मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के सोशल मीडिया पर सक्रिय होने से हज़ारों ज़रूरतमंद को आवश्यक सहायता मिल रही है, पर कुछ शरारती तत्त्व इसका गलत फायदा भी उठाते आ रहे हैं। ऐसे कई मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसा ही एक मामला 12 अक्टूबर को सामने आया जब एक यात्री ने एक अनोखी आवश्यकता जता डाली। प्रभाकर झा नामक एक ट्वीटर यूजर ने रेलवे मंत्री को ट्वीट करके अपनी छोटी बेटी के लिए डायपर की आवश्यकता जताई। उनका ट्वीट कुछ इस तरह था:
इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया ने प्रभाकर को आड़े हाथों लिया। कुछ ने इसको सेवा का मज़ाक बताया तो कुछ ने उनको यात्रा में पहले से डायपर ले के चलने की हिदायत दे डाली। हालांकि कुछ लोग प्रभाकर के समर्थन में भी आये। मज़ेदार बात यह है कि रेल मंत्रालय के ट्वीटर हैंडल ने प्रभाकर की मदद भी की। उन्होंने ट्वीट कर के प्रभाकर को PNR और फ़ोन नंबर देने को कहा। इस पर भी कुछ लोगों ने अंगुली उठाई कि रेलवे को और ज़्यादा सक्षम होने के लिए लोगो का सहयोग ज़रूरी है। अगर यात्रीगण ट्वीट करके इस प्रकार की छोटी-छोटी मांगें करेंगे तो रेलवे को तरक्की करने में समय लग जायेगा।
देखिये ट्विटर की क्या रही प्रतिक्रिया:
कुछ इस तरह के व्यंग्यात्मक ट्वीट्स भी मिले:

वहीँ कुछ ने डायपर का मूल्य टिकिट से दुगना करने की सलाह भी दे डाली:
Is this model of customer service scaleable? Should Railways focus on being an efficient, convenient & safe transport or on being nanny? pic.twitter.com/q026CENI0k— Prakash Sharma (@India_Policy) October 12, 2016
कुछ इस तरह के व्यंग्यात्मक ट्वीट्स भी मिले:

वहीँ कुछ ने डायपर का मूल्य टिकिट से दुगना करने की सलाह भी दे डाली:
इस तुच्छ-सी मांग पर भी रेलवे मंत्रालय का जवाब देना वाकई काबिले- तारीफ़ है।@RailMinIndia dear @sureshpprabhu sir the price of the diaper must be double the price of his train ticket, fool must realise @jhaprabhakar— Ramesh (@1967Babu) October 12, 2016

